Sunday, September 26, 2010

दौड़


अक्सर
सब कामों के दलाल होते हैं
प्रोपर्टी के
प्लेसमेंट के
पासपोर्ट के
शेयर मार्केट के
अस्पतालों के
इन सबकी तो रोटी की दौड़ है


पर राजनेता होते हैं
सबसे बड़े दलाल
जो करते हैं देश को हलाल
इनकी दौड़ तो बेजोड़ है
बस आपसी होड़ है

2 comments:

  1. पर राजनेता होते हैं
    सबसे बड़े दलाल
    ...अरसे बाद आपकी रचना पढ़ रहा हूं और इस बहाने नीचे वाली भी सारी कविताएं पढ़ी हैं। गजल तो आप शानदार लिखती ही हैं लेकिन कविता में इतना परिपक्व होंगी, इसका अंदाजा सच में मुझे नहीं था। ईश्वर ने आपको डॉक्टर क्यों बनाया...

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