Friday, February 11, 2011

फरवरी



पूँछ कटा हुआ महीना 
गर्मी और सर्दी के बीच झूलता 
वेलेंटाइन संस्कृति को हैरत से देखता 
बसंती पीले फूलों को ढूंढता 

बोझ ढोता
बजट का बोझ 
इन्कम टैक्स रिटर्न का बोझ 
परीक्षाओं का बोझ 
अक्सर सोचती हूँ कि बोझ ढोते ढोते
सिकुड़ गया होगा बेचारा 
फरवरी का महीना 



23 comments:

  1. बहुत सुन्दरता से आपने भावों को अभिव्यक्त किया है .....आपने शब्द कुशलता से भाव को ग्राह्य बना दिया है ...आपका आभार

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  2. सच में फरवरी के बाद मार्च आता है और बहुत सारे बोझ लाता है ...बहुत सटीक आपका आभार

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  3. bahut alag sahi aur sunder chitr kheench dalee aapne.

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  4. :) फरवरी महीने का हर रंग समेट लिया आपने.....

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  5. आप बहुत सुंदर लिखती हैं. भाव मन से उपजे मगर ये खूबसूरत बिम्ब सिर्फ आपके खजाने में ही हैं

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  6. बहुत सुन्दरता से आपने भावों को अभिव्यक्त किया है| आभार|

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  7. फरवरी को नए अर्थ दे दिए आपने.

    सिकुड़ा हुआ बोझ ढोता पूंछ कटा महीना .

    बहुत बढ़िया रचना.

    आपकी कलम को शुभ कामनाएं.

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  8. अद्भुत सोच - बहुत बहुत सुंदर

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  9. bahut badiya prastuti.... sach mein bahut tension ka mahina hai .. abhi bachhon ke exams suru ho gaye hai aaj se bahut tension hai..

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  10. Madam AAp doctor hain aur apna amulya samay dete huye aap Hindi sahitya mein gahri ruchi rakhte huye apna amulya yogdan de rahen hai yah dekhkar man ko behad khushi huyee. bahut haardik shubhkamnayen..

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  11. फरवरी के माह के छोटा होने की बहुत सुन्दर व्याख्या..बहुत सुन्दर प्रस्तुति

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  12. meenu di
    bahut kuchh kah gai aap februrary maah kejariye is chhoti si parantu behad damdaar ke madhyam se .bahut bahut badhai aur han !mere blog par aakar mera samarthan dene v housla badhane ke liye punah hardik badhai swikaren.
    dhanyvaad sahit ---
    poonam

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  13. सुन्दर प्रतीकों का प्रयोग

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  14. पूँछ कटा महीना-- वाह बिलकुल नया बिम्ब सच मे फरबरी कुछ ऐसा ही माह है। सुन्दर रचना के लिये बधाई।

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  15. jo vimb aapne prastut kiye hain , we bahut hi achhe lage

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  16. you are invited to follow my blog

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  17. बेचारा फरबरी, उफ़ कितना दुखी यह महिना !

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  18. लगता है इसीलिए सिकुड़ गया है....वाह-वाह

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  19. अच्छे है आपके विचार, ओरो के ब्लॉग को follow करके या कमेन्ट देकर उनका होसला बढाए ....

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  20. मीनू जी, आपका जवाब नहीं। फरवरी के बारे में इस तरह तो मैं कभी नहीं सोच सकता था।

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    सीधे सच्‍चे लोग सदा दिल में उतर जाते हैं।
    बदल दीजिए प्रेम की परिभाषा...

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