Wednesday, April 20, 2011

लौ







धूप बत्ती अक्सर आधी जलकर बुझ जाती है 

पूरी जले उसके लिए जरुरी है कि 
उसका सिरा पूरी तरह से आग पकडे 
उसे उल्टा कर के 
किनारे से जलाना पड़ता है
जब तक पूरी तरह से लौ नहीं पकडे उल्टा ही पकडे रहना पड़ता है 
फिर सीधा करके हाथ से हवा करनी होती है 
तब वह पूरी नीचे तक जलती रहती है 
जन्म से लेकर मृत्यु तक