Sunday, January 8, 2012

इन्टरेगनम

इन्टरेगनम 

अंग्रेजी का शब्द है यह 
जब कोई संत , पादरी या जो व्यक्ति गद्दी को संभाले है 
उसे छोड़ता है तब अक्सर  
दूसरा एकदम  से प्रकट नहीं होता 
कुछ वक़्त लगता है 

यहाँ की तरह नहीं 
 क़ि राशन की लाइन लगी हो कुर्सी के लिए 

नेताओं की मूर्तियाँ तो ढँक गयीं 
हाथी भी ढँक गए 

इंटर गेनम आ गया लगता है 
कुर्सियां बेचारी थक गयी हैं 
उनकी भी सफाई होना जरुरी है 
अब समय आ गया है क़ि

कुछ वक़्त आराम दिया जाए 
काले धन को 
सफेदपोशों को 

प्रजा चल रही है चलती रहेगी 
देश चल रहा है चलता रहेगा 

सब लोग समाधि लगायें 
चिंतन मनन करें 

जब कोहरा छंट जाए 
समाधि टूट जाए 

तो शायद कोई महापुरुष सपनों में आये 
लोगों के दिलों को भाये
उसे वो कुर्सी पर बिठाएं 
इंटर गेनम 2012 का नाम 
इतिहास के सुनहरे अक्षरों में लिखवायें 

17 comments:

  1. हमें इंतजार रहेगा उस दिन का जब यह सच होगा .......

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  2. शब्दों का लाजवाब संयोजन, सियासी हालात पर बेहतरीन टिप्पणी

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  3. शब्दों का लाजवाब संयोजन, सियासी हालात पर बेहतरीन टिप्पणी

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  4. बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति । मेरे पोस्ट पर आप आमंत्रित हैं । धन्यवाद ।

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  5. बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

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  6. बहुत बेहतरीन.......

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  7. इंट्रेगनम का खूब इस्तेमाल किया है मीनू जी ....
    अच्छा लिखती हैं आप ...
    अगर आप क्षणिकाएं भी लिखती हों तो भेज सकती हैं सरस्वती-सुमन पत्रिका के लिए मुझे जो की क्षणिका विशेषांक निकल रहा है ....
    अपने संक्षिप्त परिचय और तस्वीर के साथ ....

    हाँ मिसरे के लिए शुक्रिया .....:))

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  8. shukriya harkeerat , dekhti hun , likhti hun kuch
    tum jaisa achha to nahin likhti par kosish karungi :)

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  9. कविता का भाव अच्छा लगा । बहुत सुंदर । मेरे पोस्ट पर आपका स्वागत है । धन्यवाद ।

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  10. sukhad intergenum 2012 ka sabko intzar rahega..
    sundar prastuti...

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  11. काश पूरा हो ये इंतज़ार

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  12. अनुपम प्रस्तुति - तथास्तु

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  13. pata nahi kab pura hoga ye intjar...bahot acha laga.

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  14. pata nahi kab pura hoga ye INTJAR... acha laga padhkar.

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